2021 में Labrador Dog Select करने के बेहतरीन फायदे | लैब्राडोर को घर ले जाने के 15 Scientific कारण

LABRADOR DOG

आपके और आपके परिवार के लिय कोन सी डॉग Breed सही हे? ये सवाल शायद आप के मन में होगा. आप ये सोच रहे होंगे दुनिया में कुते की अनगिनत नस्ल  (Dog Breed) हे और उनमे से अच्छी नस्ल (Best breed)का चुनाव करना मुस्किल काम है.

 तो सवाल ये आता है की अंतिम निर्णय पर केसे पहुचे. तो सब्र रखिये, आप बिलकुल सही जगह है मैं आपका दोस्त Labrador Dog Select करने के बेहतरीन फायदे बताऊगा .

एक दिलचस्प बात ओर Labrodor Retriver दो नस्लों लैब्राडोर और Reteriver  का उत्क्रिस्ट परिणाम हे , जिसमे दोनों, दोस्ताना और उपयोगी काम करने का गुण हे.ये खेल कुतों और फॅमिली कुतों के वर्ग से सम्बन्धित हें.

लैब्राडोर की विशेषताएँ (Labrador dog Quality)

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लैब्राडोर का आकर व वजन (Size and weight)

 Dog नस्ल विभाजन      -  खेल कूद के लिए प्रयोग होने वाला Dog (sporting dog)

 नर (Male dog)            -   ऊँचाई (Height) 21 से 24 इंच 

                                 -    वजन  30 से 35 kg

  मादा (Female Dog )  ऊँचाई (Height) 21 से 23 इंच 

                                      - वजन 25 से 30 kg

 जीवनकाल (Life span) - 10 से 12 साल

नस्ल की पहचान

इसके कान लटके हुए V शेप व पूंछ मोटी होती हे. इनकी खाल मोटी व जल रोधी होती हे जिस कारण इन्हें तैराक (swimmer) की तरह प्रयोग किया जाता हे,आप इनको अपने पसंदीदा रंग काला, पीला, चोकलेट, या सिल्वर में घर ले जा सकते हे.

Labrador के बारे में रोचक तथ्य

क्या आप जानते हें, अपने दोस्ती और बुदिमता के कारण लैब्राडोर पुरे भारत में पसनद किऐ  जाते हें.यही नही इनका फोटोग्राफर और आर्टिस्ट भी इन्हें अहम रोल प्रदान करते हे. इसके अलावा इनके अच्छे व्यवहार (sweet Behaviour) के कारण इन्हें Threapy dog भी कहा जाता हे.यही नहीं बुजुगों और बच्चों की  सहायता के लिय भी इने सर्वोतम (ideal) माना गया हे और इन्ही वजह से इसे सहायक dog (assistance dog) का दर्जा दिया गया हे.

लेब्राडोर कुते के नसल के कुते की विसेस्ता

इनके शरीर की बनावट और तेज शुंघ्रने की क्षमता के कारण इन्हें हमारी Army और पुलिस द्वारा खोजी कुतों के रूप में प्रयोग किआ जाता हे.

एक बात तो में आपको बताना भूल ही गया तेरी महरबानिया फिल्म में लैब्राडोर dog का रोल था.

लैब्राडोर का अबतक का सफर

लैब्राडोर का मूल जन्म स्थान Atlantic coast ऑफ़ Canada हे. जहा इसे St. Johns dog कहा जाता था.बाद में इसे Newfoundland के reteriver जाति के साथ क्रॉस करवाया गया. ताकि इनमे मछली पकड़ने में मदद करने के गुण आ सके. और इसमें पानी में तेरने जाल खीचने, मछली पकड़ने, जेसे गुण आ गये. इसी दोरान ये dog मछुआरो के साथ उनके घर में भी रहे और वही से उनमे परिवार में घुल मिल के रहने के गुणों का विकास हुआ.बाद में यही डॉग्स फॅमिली डॉग्स के रूप में प्रसीद हुए.

मुख्य बाते

·         लैब्राडोर को खाने से प्यार प्यार और बहोत सारा प्यार हे, इसलिए यही इन्हें हद से ज्यादा खाना (overfeed) दिया जाय तो ये मोटे हो जाते हे. इसलिय सावधान इने खाना दे लेकिन सही और उचित मात्रा में. साथ में उचित व्यायाम भी इनके लिए आवसयक हे.और इसके साथ यह भी ध्यान रखे की कही भूख के कारण ये बचो हे खिलोने न चबा ले.

·         लैब्राडोर उन नस्लों में गिना जाता हे जिनको प्रतिदिन 30 से 50 मिनट व्यायाम की आवश्कता होती हे.और यदि ऐसा ना किया जाए तो ये सारा दिन तोड़ फोड़ करते हे, चीजों को चबाना, और भोंकते रहते हे. क्योकि इनमे सारा दिन high energy बनी रहती हे.

·         लैब्राडोर एक अछी छवि वाला dog हे. इसलिय इन्हें भी training की आवश्कता हे.ताकि ये आपकी बात को समझ सके.

लैब्राडोर पप्पी/कुते की उम्र के अनुसार वजन (Age and Weight)

8 वें सप्ताह  - 3.5kg

12 वें सप्ताह - 8.5kg 


15 वें सप्ताह  - 13.5kg


22 वें सप्ताह  - 21kg

27 वें सप्ताह  - 24.8kg

31 वें सप्ताह  - 25.5kg

36 वें सप्ताह  - लगभग 27.5kg से 31kg



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लैब्राडोर का स्वभाव और आप

इस नस्ल की पहचान और रुतबा इसके sweet स्वभाव और इसके दोस्ताना अंदाज से जानी जाति हे.इनकी intelligence के कारण इन्हें ट्रेन करना भी आसन होता हे.इनको शारीरिक व मानसिक दोनों तरह के कामों की आवश्कता होती हे. यदि आपके घर में बच्चे हे और आप इसे घर में लाना चाहते हे तो आप सही सोच रहे हे क्योकि आप समझ लिजिय आप घर में एक और बच्चा ला रहे  हे.

सेहत (Health) – रोग व उनकी पहचान

लैब्राडोर अक्सर सवस्थ ही होते हे. लेकिन कुछ रोग इनमे पाया जाता हे. सभी लैब्राडोर में नही अपितु कुछ में, अत इन रोगों के बारे में जागरूक होना आपके लिये अनिवार्य हे.

1.   Hip Dysplasia- हिप डाईप्लासिया में जांघ की हड्डी कुल्हे के जोड़ में सही नही बैठती. इसके लक्षण कभी               दिखाए भी देते हे तो कभी नही. जरूरी नही की इसमें लंगड़ाकर चले. लेकिन उम्र के साथ ये गटियामें                     तब्दील हो जाते हे. हिप डाईप्लासिया के लिय x ray screening की जाती  हे.

2.    मोतियाबिंद (Cataract) मनुष्यों की तरह इस मोतियाबिंद में भी आँखों के लेन्स के आगे बादल के धब्बे                से आ जाते हे. इससे दृष्टि बाधित  तो नही होती लेकिन कई बार इससे दृष्टि को नुकसान पहुचता हे.           मोतियाबिंद   को अक्सर operation द्वारा ठीक किया जा सकता हे.

3.   प्रोग्रेसिव रेटिनल एट्रोफी(PRA)- इस रोग में रेटिना में क्षमता में लगातार गिरावट होती जाती हे. बीमारी की         सुरुवात में कुते को रात में दिखना बंद हो जाता हे.और जेसे जेसे बीमारी बदती हे वह अपनी  दिन की भी दृष्टि       भी  खो देता हे.

4.   कान का संक्रमण – क्योकि लैब्राडोर के कान निचे झुके हुए होते हे इसलिय इनके कान में संक्रमन होने का           खतरा बढ जाता हे.इससे बचने के लिय सप्ताह में एक बार कान की सफाई जरूरी हे 

5.    कोल्ड टेल – यह लेबरा में दर्दनाक बीमारी हे. यह पूछ में केसुरुक और मास्पेक्सियो के बीच की समस्या       मानी जाती हे.

6.    Acute Moist Dermatitis- यह एक त्वचा की समस्या हे. इसमें बैक्टीरिया के कारण त्वचा लाल वे जलने         लग जाति हे.इसे सामान्य रूप में हॉट स्पॉट (Hot spot) के नाम से जाना जाता हे.इसके इलाज़ के लिए बालो           को हटाना , और एंटीबायोटिक्स शैम्पू से नहलाया जाता हे. 

 छोटी मगर महत्वपूर्ण बातें

प्यारे लैब्राडोर को अकेला रहना बिलकुल भी पसंद नही हे.क्योकि यह कोई घर के पीछे बांधने वाला कुता नही हे.यदि इन्हें ज्यादा देर अकेला छोड़ा जाय तो ये गड्डा खोदना, भोकना, चबाना या फिर तोड़ फोड़ करना शुरू कर देते हे.

 लैब्राडोर को प्रतिदिन शारीरिक और मानसिक कार्य (activity) जरूरी हे.उन्हें 30 min रोज सेर पर ले जाना चाहिय. इन्हें शारीरिक कार्य में जितना बिजी रखोगे ये उतना हे चुस्त और तन्दरुस्त रहेगे.

 जब आप अपने घर में puppy ले के आये तो उनकी training पर पूरा ध्यान दे.अपने puppy को good manner सिखाये. ताकि वो दुसरे लोगो और जानवरों के साथ सहज (comfortable ) हो सके.जब तक puppy दो साल का ना हो जाय तब तक उसका पूरा ख्याल रखे.puppy को सक्त फर्श पर मत खेलने दे. क्याकि दो साल की उम्र तक उनके joints (हड्डियो के) कमज़ोर होते हे.उन्हें घास पे हे खेलने दे.

इसके अलावा लैब्राडोर को चबाने की आदत होती हे. इसलिय जरूरी हे की उस चबाने वाले खिलोने दिय जाय ताकि वो कोई दूसरी चीजे ना चबाए.

लैब्राडोर पिल्लै/कुते की भारत में किम्म्त

लैब्राडोर पिल्लै (puppy) की सुरुवाती कीमत 5000 से 6000 रुपये तक होती हे.गुणवत्ता और वंशावली के हिसाब से अछे लैब्राडोर की किमत 1 लाख तक जा सकती हे. फिर भी आप बजट 25000 रुपऐ  तो होना चाहिये .

संसाधन व प्रमाण (References and Resources)

·         The American Kennel Club

·         विस्वेस्नीय स्त्रोत

 

FAQ (Frequently ask question) (आपके प्रश्न और हमारे जवाब )

Table of content

·         LABRADOR DOG

·         लैब्राडोर डॉग की तेस्विरे (Labrador dog pictures)

·         लैब्राडोर की विशेषताएँ (Labrador dog quality

     लैब्राडोर का आकर व वजन (Size and weight)\

            नस्ल की पहचान 

       Labrador के बारे में रोचक तठे 

·         लेब्राडोर कुते के नसल की विशेषता

·         लैब्राडोर का अबतक का सफर

·         मुख्य बाते

·          लैब्राडोर पप्पी/कुते की उम्र के अनुसार वजन (Age and Weight)

·         लैब्राडोर का स्वभाव और आप

·         सेहत (Health) – रोग व उनकी पहचान

·         लैब्राडोर पिल्लै/कुते की भारत में किम्म्त

          संसाधन एवंम प्रमाण (Reference and Resource)

 

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